जानिए फैक्ट: रेल्वे प्लेटफार्म के बोर्ड पर ‘समुद्र तल से ऊंचाई’ क्यों लिखी जाती है?

दोस्तों आप सभी ने कभी न कभी ट्रेन में सफर करते वक्त इस बात को जरूर गौर किया होगा कि जब हम किसी रेलवे स्टेशन पर जाते हैं तो वहां रेलवे प्लेटफार्म के दोनों सिरों पर पीले रंग के बोर्ड लगे हुए होते हैं, जिन पर उस स्टेशन का नाम लिखा हुआ होता है और साथ उसके नीचे छोटे छोटे शब्दों में उस जगह की समुद्र तल से या समुद्र सतह से ऊंचाई लिखी हुयी होती है.

रेलवे प्लेटफार्म पर इन बोर्ड पर लिखी हुई यह ऊँचाई आपको हर रेलवे स्टेशन पर अलग-अलग देखने को मिलेगी. समुद्र सतह से जो ऊंचाई लिखी जाती है उसको मीटर में लिखा जाता है, जैसे कि 300 मीटर या 400 मीटर.

समुद्र तल से ऊंचाई इसीलिए लिखी जाती है रेलवे प्लेटफार्म बोर्ड पर

क्या आपने कभी गौर किया है कि इसके पीछे क्या वजह है? रेलवे प्लेटफार्म पर स्टेशन के नाम के साथ-साथ समुद्र तल से ऊंचाई लिखने की क्या वजह है?

क्या यह रेल में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए लिखा हुआ होता है? या फिर ये उस स्टेशन पर आने जाने वालों के लिए कोई संकेत है?

इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए आपको सबसे पहले यह जानना जरूरी होगा की समुद्र सतह को क्यों नापा जाता है?

दोस्तों इस बात को तो हम सभी जानते हैं कि पृथ्वी गोल है और और पृथ्वी की सतह पर बसने वाले शहर कई जगह ऊंची और नीची जगहों पर बस रहे हैं. हमारी पृथ्वी गोल है तो इस वजह से इसके घुमाव और ऊँची नीची जगह को नापने के लिए किसी ऐसे पॉइंट की जरूरत थी जो हमेशा एक सामान और सपाट हो.

काफी खोजबीन करने के बाद वैज्ञानिकों को समुद्र सतह से बेहतर कोई दूसरी चीज नहीं मिली. तब उन्होंने फैसला किया कि समुद्र की सतह जो हमेशा एक समान रहती है तो इससे बेहतर दुनिया भर में पृथ्वी की सतह को नापने के लिए इससे बेहतर कुछ नहीं लगा, और तबसे ही किसी भी शहर की ऊंचाई या उसकी सतह को मापने के लिए समुद्र सतह का सहारा लिया जाने लगा.

दोस्तों इसको अंग्रेज़ी में MSL भी कहा जाता है….. ऍम एस एल का मतलब ‘Mean Sea Level’ इस तकनीक के जरिए हम किसी भी तरह की ऊंचाई को नापने सकते हैं.

आपको बता दें दोस्तों सिविल इंजीनियरिंग में इसका प्रयोग बड़ी बड़ी बिल्डिंगों और सड़कों की ऊँचाई को मापने के लिए किया जाता है.

अब आते हैं वापिस मुद्दे की बात पर, भारत में मौजूद प्रत्येक रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म के बोर्ड पर आप उस स्टेशन के नाम के नीचे समुद्र सतह से उस जगह की ऊंचाई इसलिए लिखी जाती है कि रेलवे के लोको पायलेट यानि कि रेल चलाने वाले ड्राइवर को यह निर्णय लेने में आसानी होती है कि अगले स्टेशन के मुकाबले इस स्टेशन की ऊंचाई कितनी है, जिससे वह उस रेल के इंजन को कितना पॉवर दे जिससे उस रेल का इंजन सही रफ़्तार से दौड़ कर अपने निर्धारित समय पर स्टेशन पर पहुंचे.

इसके अलावा समुद्र सतह के नाप से ही रेलवे ट्रैक पर लगे बिजली के खंभों, जिन पर रेल के इंजन को पावर देने के लिए तार लगी हुई होती है उसको भी एक समान ऊंचाई देने में भी मदद मिलती है. जिससे बिजली के तार ट्रेन के इंजन से लगातार सही तरीके से टच होते रहें और वह बिजली के तारों और ट्रेन के इंजन के ऊपर लगे हुए झूले बीच एक सामान पावर देने में सही तरीके से मदद करता है.

तो दोस्तों आप अब आप अच्छी तरह से समझ गए होंगे की रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म के बोर्ड पर समुद्र सतह से ऊंचाई क्यों लिखी जाती है, और उसका क्या मतलब है. इस तरह के और भी इंटरेस्टिंग वीडियो देखने के लिए अभी हमारा चैनल सब्सक्राइब करें

Leave a Comment