Unbelievable! India's First Underwater Bullet Train Project in India is Ready

टेक्नोलॉजी: अब भारत से दुबई तक का सफ़र सिर्फ 2 घंटों में पूरा करेगी पानी में चलने वाली ये ट्रेन

दोस्तों दुनिया में टेक्नोलॉजी इतनी ज्यादा एडवांस हो चुकी है जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते हैं और यातायात के संसाधन भी इतने ज्यादा एडवांस हो चुके हैं कि आप कुछ ही मिनटों में मीलों तक का सफर तय कर सकते है. आज जहाँ ज़मीन के ऊपर और ज़मीन के नीचे ट्रेन चल रही हैं, वहीँ अब पानी में भी ट्रेन चलाने को लेकर ख़ाका तैयार हो चुका है.

जी हाँ दोस्तों, आपने बिलकुल सही सुना. अब भारत में भी आप बहुत जल्द इस नए रोमांच (Underwater Bullet Train in India) का अनुभव ले सकेंगे. जहाँ पानी के अन्दर ट्रेन के सफ़र का मज़ा ही कुछ और होगा.

Underwater Bullet Train in India

दोस्तों हमारा भारत भी टेक्नोलॉजी के मामले कुछ कम नहीं है. भारत में भी कई एडवांस इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किये जा रहे हैं, ये पानी के अन्दर ट्रेन चलाने का कांसेप्ट भी इसी में शामिल है. और इसके साथ ही देश भर में नयी तकनीकी विकास के लिए कई सारे नए प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने जा रहा है.

Underwater Bullet Train Project in India is Ready

जब हमारे यहाँ पानी के अन्दर चलने वाली रेल सेवा शुरू हो जायेगी तब आप सिर्फ दो घंटे में ही मुंबई से UAE जा सकेंगे. आप सोच रहे होंगे की यह कैसे संभव होगा, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आज और आने वाले समय के टेक्नोलॉजी युग में सब कुछ संभव हो सकता है.

किसी भी देश के बेहतर विकास के लिए उसकी ट्रांपोर्टशन टेक्नोलॉजी बहुत ही अच्छी और एडवांस होना चाहिए. चीन इसका जीता जागता उदहारण है, जिसने महज़ कुछ ही घंटों में बड़े-बड़े पुल और हॉस्पिटल तैयार किये हैं.

बुलेट ट्रेन की मदद से व्यापार करना आसान हो जायेगा

किसी भी देश के विकास के लिए सबसे महत्पूर्ण है व्यापार या अन्य देशो से इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट, और ये सब कुछ बिना ट्रांसपोर्ट और तेज़ गति के यातायात के सुगम साधनों के बिना संभव नहीं है.

पुराने परंपरागत तरीके से जहाजों द्वारा समुद्र के रास्ते इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट करने में काफ़ी वक़्त बर्बाद होता है, और हवाई ट्रांपोर्टशन में यह खर्च और भी ज़्यादा आता है. उपर से हवाई जहाज़ के माल वाहकों में भी सामान लादने की क्षमता पानी के जहाज़ के मुकाबले कम रहती है.

ऐसे में अगर पानी के अन्दर रेल यातायात चलाया जाए, जिसमें दूसरे देशों के साथ इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट किया जाय तो इससे काफी पैसा और वक़्त दोनों की बचत की जा सकती है.

भारत और UAE के बीच हुए एक सौदे के अनुसार दोनों देशों के व्यापार में तेज़ी लाने के लिए, ‘अल्ट्रा हाई स्पीड अंडरवाटर बुलेट ट्रैन’ अरब सागर के बीच में से चलाने का फैसला लिया गया है.

सिर्फ दो घंटे में हजारों मील का सफ़र तय कर सकेंगे

इस ट्रैन की मदद से आप मुंबई से UAE तक का सफर सिर्फ दो घंटे में ही पूरा कर लेंगे, जो हवाई सफर में लगने वाले समय से भी कम है.

मॉडर्न ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में आज नए आइडियाज और मॉडर्न टेक्नोलॉजी की मदद से एडवांस ट्रांपोर्टशन के संसाधन तैयार किये गए हैं जो आपको पलक झपकते ही एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में सक्षम हैं.

आज कल अन्य देशो में आम लोगों के लिए फ्लाइंग कार्स और ड्रोन भी मुहैया कराये जा चुके हैं, इसलिए लिए भारतीय लोगों को भी इसमें यकीन होने लगा है.

एडवांस टेक्नोलॉजी या मॉडर्न आर्किटेक्चर की बात की जाए तो सबसे पहले दुबई का नाम आता है, क्योंकि रेत में बसे इस देश में दुनिया की सबसे ऊँची ईमारत है बुर्ज़ खलीफा, और इसके अलावा भी कई बहुत सारी बिल्डिंग्स और स्काईक्रॉपर्स है जो पूरी दुनिया भर में मशहूर हैं.

यहाँ समुन्दर के खारे पानी को मीठा बनाने का प्रोजेक्ट भी लगाया गया है, जिसको वाटर ट्रीटमेंट का नाम दिया है. इसी प्रोजेक्ट की पेशकश UAE की सरकार ने भारत के सामने की है, हो सकता है इसपर भी जल्द हमारे यहाँ काम शुरू हो सकेगा.

बुलेट ट्रेन कैसे काम करती है?

चलिए अब जान लेते हैं, अंडर वाटर चलने वाली ये बुलेट ट्रैन किस तरह से समुद्र के भीतर से होकर गुजरेगी. इस प्रोजेक्ट में समुद्र के अंदर फ्लोटिंग पाइप बिछा कर रेलवे ट्रैक बिछाया जायेगा, बिलकुल वैसे ही जैसे अंडर वाटर ब्रिज को बनाया जाता है. या फिर आपने टनल देखें होंगे जिन्हें पहाड़ों को काटकर बनाया जाता है.

पानी में चलने वाली इस ट्रैन की स्पीड दुनिया में सबसे अधिक होगी, क्योंकि 2000 प्रति किलोमीटर घंटे की रफ्तार से चलने वाली ये एक मात्र ट्रेन होगी.

भारत में कई सारी नदियाँ हैं, जिनका पानी भारतीय लोगों के लिए जीवन-दायनीय है. भारत में बहने वाली नर्मदा नदी का पानी भी UAE के शहर तक अंडरवाटर ट्रैन की मदद से भेजा जायेगा.

ये भारत के लिए बेहतरीन सौदा साबित होगा, क्योंकि खारे पानी को मीठे पानी में बदलने के लिए UAE हर साल करोड़ों रुपये खर्च कर देता है.

भारत को सस्ते दामों पर कच्चा तेल उपलब्ध होगा

भारत के लिए कच्चा तेल और पेट्रोलियम इम्पोर्ट करने में भी इससे मदद मिलेगी, क्योंकि ज़मीनी रास्ते से या जहाज़ के ज़रिये भारत में  पेट्रोलियम लाने में लगने वाला खर्च बहुत कम हो जायेगा और इससे बचे हुए पैसे देश के विकास कार्यों को पूरा करने के लिए काम आएंगे.

इसकी वजह से हमारे देश में पेट्रोल-डीजल और अन्य पेट्रोलियम से बने उत्पाद कम दामों पर मिल सकेंगे.

इस असम्भव से दिखने वाले प्रोजेक्ट को लेकर ह्यूमन सिक्योरिटी काउंसिलिंग ने कई सारे सवाल उठाये है जैसे कि अगर, समुद्र के अंदर कोई दुर्घटना हो जायेगी या फिर कोई प्राकृतिक आपदा जैसे कि सुनामी या भूकंप तब ऐसे में क्या होगा?

ऐसी दिक्कतों के बारे में UAE सरकार और भारत सरकार का जनता की सुरक्षा के लिए क्या प्लान्स हैं?, उनके इस सवाल पर एक्सपर्ट ने बताया है कि ये प्रोजेक्ट सिर्फ 2 हज़ार किलो मीटर तक बनाया जाये तो सबसे बेहतर रहेगा.

इसके अलावा कुछ किलोमीटर के अंतराल पर चेकपॉइंट भी बनाये जाएँ, जिससे कि भविष्य में कोई घटना हो जाने पर रेस्क्यू करने में आसानी हो या फिर पहले इस ट्रैन का उपयोग केवल गुड्स ट्रांसपोर्ट के लिए किया जाए और जब ये प्रोजेक्ट बिना किसी दुर्घटना के सफल हो, तब आम लोगों को सफर के लिए इसे मंजूरी दी जाए.

प्राक्रतिक आपदाएं जैसे भूकंप, सुनामी इनसे बचने के लिए एडवांस अलार्म लगाए जाएँ जो आपदा से पूर्व ही स्पष्ट संकेत दें ताकी समय रहते ट्रेन और इसमें भीतर बैठे लोगों और सामान की रक्षा की जा सके.

या फिर इस फ्लोटिंग पाइप्स को इतना सक्षम बनाया जाए ताकि ये प्राकृतिक आपदाओं को झेल सके, और ये संभव भी क्योंकि आज दुनियाभर में टेक्नोलॉजी बहुत एडवांस है.

दुनिया भर में चाइना, बेहतरीन टेक्नोलॉजी और एडवांस इंजीनिरिंग के लिए सबसे आगे है, चाइना भी 125 माइल्स लम्बे अंडर वाटर ट्रेन प्रोजेक्ट पर काम करने वाला है.

बुलेट ट्रेन की स्पीड कितनी होती है?

फ़िलहाल, दुनिया में सबसे तेज़ गति वाली ट्रेन चाइना में ही मौजूद है, दुनिया में सबसे पहले सफल बुलेट ट्रैन और मैगनेट ट्रैन का प्रैक्टिकल चाइना ने ही किया है.  यहाँ अभी 750 KM प्रति घंटे की रफ़्तार से दौड़ने वाली बुलेट ट्रेन है, किसी भी देश के पास इससे तेज़ गति की ट्रैन मौजूद नहीं है. लेकिन भारत में चलने वाली इस बुलेट ट्रैन की स्पीड दुनिया में सबसे अधिक होगी, यह 2000 प्रति किलोमीटर घंटे की रफ्तार से चलेगी.

चाइना अंडर वाटर बुलेट ट्रैन को रूस, कनाडा से होते हुए अमेरिका पहुँचाना चाहता है. जिससे इन देशों से व्यापार करने में आसानी होगी और चीन अपने व्यापार को और तेज़ी से दुनिया भर फैला सकेगा.

चाइना ने कभी भी सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया. एवं चाइना भी अजीबो गरीब कारनामे होते रहते है, चाहे बीच सड़क पर बना हुआ घर हो, या पहाड़ो में बने शीश महल.

चाइना में कई सारे ऐसे प्रोजेक्ट्स हैं जिसकी वजह से चाइना के लोगों को कई सारी समस्याएं होती है, लेकिन यंहा सिर्फ चाइना सरकार की हुकूमत चलती है. जो अपने लोगों की जान परवाह किये बिना ये अपने प्रोजेक्ट्स को बनाते और पूरा करते हैं.

अन्य देशों की तरह यहाँ आम लोगों को सरकार के खिलाफ बोलने की आज़ादी नहीं है. यहाँ तक कि गूगल के द्वारा दी जाने वाली बेसिक सर्विस या सर्च इंजन के इस्तेमाल पर पूरी तरह से BAN है, और इसकी सबसे बड़ी वजह है अमेरिका चाइना ट्रेड वॉर.

अगर चीन ने एक बार Under Water Train Project का सफल परीक्षण कर लिया तो चीन अपने व्यापर को दुनिया के कोने-कोने में पहुंचा देगा.

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