Superstitious Facts in India | अंधविश्वाश और उनसे जुड़े विज्ञान

अंधविश्वास और उनसे जुड़े विज्ञान | Superstitious facts in India

दोस्तों द्नियाभर में भारत में सबसे ज्यादा अंधविश्वास (Superstitious facts in India) फैला हुआ है. जिसके चलते यहाँ कई फर्जी बाबाओं का व्यापार अच्छा फल फूल रहा है. हालाँकी इनमे से कई फ़र्ज़ी बाबा तो जेल की सलाखों के पीछे पहुँच गए हैं, लेकिन इसके बावजूद भी कुछ लोगों में अंधभक्ति के प्रति इतनी गहरी श्रध्धा है कि उनको समझाना बेहद मुश्किल है.

देश के ग्रामीण इलाकों में आज भी देखने को मिलता है, अगर कोई लम्बे समय से बीमार चल रहा है तो उसको किसी अच्छे डॉक्टर को दिखाने के वजाए लोग किसी बाबा, तांत्रिक या ओझा को दिखाते हैं कि कहीं कोई चक्कर वगेरह तो नहीं है, या इस पर किसी ने कुछ जादू-टोना तो नहीं कर दिया.

Superstitious Facts in India

दोस्तों आज के इस विडियो में हम लोग देश में फैले इसी अन्धविश्वास और मान्यताओं के पीछे की बात करेंगे, जानेंगे उनके पीछे के साइंस फैक्ट को, आखिर क्यों पुराने समय में लोग उन बातों पर अमल करते थे. तो चलिए जानते हैं उनके पीछे की मान्यताओं और उनके लॉजिक के बारे में.

बिल्ली का रास्ता काटना

दोस्तों देश में ऐसे बहुत लोग हैं जो अगर कहीं जा रहे होते हैं और बिल्ली रास्ता काट दे तो वो या तो वहां से वापिस मुड़ जाते हैं या वहीँ पर कुछ देर के लिए रुक जाते हैं.

इसके पीछे मान्यता है कि बिल्ली का रास्ता काटना अशुभ होता है, और काली बिल्ली रास्ता काट दे तो यह और भी बुरा हो सकता है. इसके पीछे का लॉजिक क्या है? आइये जान लेते हैं.

पुराने समय में लोग आने जाने के लिए या ट्रांसपोर्टेशन के लिए बैलगाड़ी या घोड़ागाड़ी का इस्तेमाल करते थे. कई बार  जंगल से गुजरते समय जंगली बिल्लियाँ सामने से रास्ता काट जातीं थीं जिन्हें देखकर घोड़े या बैल उनसे डर जाते थे, जिससे कई बार वो बैलगाड़ी या बग्गी पलट भी जाती थीं और उनमें बैठे हुए लोगों को या उसमें रखे हुए सामान को नुकसान होता था.

इस वजह से अचानक बिल्ली के रास्ता काटने पर वो कुछ सेकेण्ड के लिए रुक जाया करते थे. लेकिन बीतते वक़्त के साथ साथ लोगों ने उस बात को एक मान्यता के तौर पर ले लिया इसलिए आज भी ये अन्धविश्वास फैला हुआ है कि बिल्ली का रास्ता काटना अशुभ होता है.

दुकान पर नीम्बू और मिर्च लटकाना

भारत में ज्यादातर दुकानदारों और व्यापारियों को आपने देखा होगा वो लोग अपनी दुकान के दरवाज़े पर नीम्बू और हरी मिर्च को एक धागे में बांधकर टांग देते हैं.

लोगों में मान्यता है कि इससे बुरी शक्तियां कारोबार को नुकसान नहीं पहुंचा सकतीं और इसकी वजह से व्यापार में भी तरक्की होती है.

आइये अब जानते हैं इसके पीछे जुड़े वैज्ञानिक फैक्ट को, दोस्तों दरअसल नींबू में एसिड होता है और हरी मिर्च में तीखापन, इस नीम्बू-मिर्च का एसिड और तीखापन मिलकर एक विशेष प्रकार की गंध छोड़ते हैं, जिससे छोटे कीड़े-मकोड़े दूर हो जाते हैं.

पुराने समय में गुड़ बेचने वाले या हलवाई अपनी दूकान पर इसको टांगते थे जिससे की कीट पतंगे खाद्य सामग्री पर न बैठें, लेकिन यह टोटका धीरे-धीरे अन्धविश्वाश में बदलता चला गया.

पीपल के पेड़ को भारत में सबसे ज्यादा पूजा जाता है, ऐसी मान्यता है कि इसमें सभी देवता निवास करते हैं. और बांकी अन्य पेड़ों की तुलना में पीपल का पेड़ पूजनीय है.

लेकिन इसके पीछे भी एक साइंस छुपा हुआ है, सभी पेड़ दिन में ऑक्सीजन छोड़ते और रात में कार्बन डाई ऑक्साइड छोड़ते हैं, लेकिन पीपल का पेड़ पूरी दुनिया में एक मात्र ऐसा पेड़ है जो रात में भी ऑक्सीजन छोडता है, इसीलिए इस पेड़ को बचाने के लिए इसकी पूजा शुरू कर दी गयी थी.

अगला अन्धविश्वास है कि नदी के पानी में सिक्के डालने से ईश्वर आपकी मनोकामना पूरी करते हैं. ठीक वैसे ही जिस तरह से मंदिरों में दान पेटी में सिक्के डालते हैं उसी श्रद्धा भाव से वो लोग नदी में सिक्के डालते हैं.

आइये अब इसके पीछे छुपे विज्ञान को समझते हैं. दरअसल पुराने समय में तांबे के सिक्के चलते थे, किसी तालाब या पोखर में उन सिक्कों को इसीलिए डाला जाता था कि उस पानी में मौजूद बेक्टेरिया ख़त्म हो जाएँ.

तांबे यानि कि कॉपर के सिक्के पानी के साथ मिलकर मोलूक्युल्स से क्रिया करते थे, जिससे पानी में मौजूद बेक्टेरिया मर जाते थे और पानी शुद्ध हो जाता है.

बदलते वक़्त के साथ तांबें के सिक्कों का प्रचलन बंद हो गया, लेकिन लोग आज भी पानी में लोहे के सिक्के डालते हैं.

घर से किसी शुभ काम के लिए निकलते समय दही-चीनी खाना

ऐसी मान्यता है कि जब घर से किसी शुभ काम के लिए निकलें तो उस समय दही-चीनी कहानी चाहिए. इससे उस काम में सफलता हासिल होती है. लेकिन इस मिथ के पीछे भी एक वैज्ञानिक कारण है, चलिए जानते हैं इसे भी.

दोस्तों हमारे देश में नार्मल टेम्प्रेचर 35-40 डिग्री सेल्सिअस तक होता है, और तेज़ गर्मी की वजह से हमारे में ग्लूकोस की मात्रा कम होने लगती है, और इससे बचने के लिए, शरीर को एनर्जी देने के लिए लोग घर से निकलते वक़्त दही और चीनी खाते हैं.

इससे शरीर में ग्लूकोस का लेवल कण्ट्रोल में रहता है, और ये आपको तनाव मुक्त रखने में भी बेहद कारगर साबित होता है. चीनी खाने से दिन में आने वाली उवासी और आलास भी दूर होता है.

इसलिए भारतीय माएं अपने लाडले को घर से निकलते वक़्त थोडा सा दही-चीनी खिला देतीं हैं, इससे गुड लक आये या न आये पर शरीर जरूर स्वस्थ रहेगा.

मंदिर की घंटी और आपकी इच्छा जल्दी पूरी होना

मंदिर की घंटी बजाने से भगवान आपकी आवाज़ सुन लेते हैं, और आपकी इच्छा जल्दी पूरी होगी, एसा आपने अभी अपने घरों के बड़े बुजुर्गों और अपने माता पिता को कहते सुना होगा, लेकिन ये कितना सच है इसके बारे में जान लेते हैं.

दोस्तों मंदिर में लगी घंटी बजाने के पीछे जुड़े साइंटिफिक फैक्ट्स के अनुसार घंटी के आकार और मेटल के कारण उसकी आवाज़ लगभग सात सेकंड तक गुजती रहती है और जब ये हमारे लेफ्ट राईट कानों में जाती है तो अपने शरीर की सात इन्द्रियों को एक्टिवेट कर देती है और दिमाग को फोकसड रखती है, जिससे दिमाग एक्टिव और शांत रहता है, और शारीर में पॉजिटिव एनर्जी इनक्रीस होने लगती है , तो मंदिर की घंटी बजाते रहिये.

सांप को मारने के बात उसके सिर को कुचल देना चाहिए नही तो उसकी आँखों में आपकी तस्वीर छप जाएगी और नाग या नागिन आपसे बदला लेनी आ जाएगी, दोस्तों ये भी एक अन्धविश्वास ही है कई लोगों आज भी लगता की एसा ही होता है, लेकिन किसी ने भी इसके पीछे छुपे विज्ञानं को नही जाना.

आईये जान लेते है कि असिलियत क्या है ?, दोस्तों सांप का खून अन्य इन्सेक्ट की तुलना में टण्डा होता है और मरने के कुछ समय बाद भी इसके बॉडी पार्ट एक्टिव रहते है जो आप पर हमला कर सकते है इसीलिए सांप को मारने के बाद उसका सर कुचलना जरूरी है.

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