सऊदी अरब का झंडा आज तक कभी भी नहीं झुकाया गया, जानिए इसके पीछे का कारण - Gazab Post Hindi

सऊदी अरब का झंडा आज तक कभी भी नहीं झुकाया गया, जानिए इसके पीछे का कारण

दोस्तों जब भी हम इस्लामिक देशों का नाम लेते हैं तो हमारे ज़ेहन (मन) में सबसे पहले सऊदी अरब या दुबई (यूएई) का ख्याल आता है. सोशल मीडिया पर अगर सबसे ज्यादा किसी मुस्लि’म देश की बात होती है तो वह है ‘सऊदी अरब’ और लोग सबसे ज्यादा इस देश में रोज़गार और वहां के ‘सख्त कानून’ के बारे में जानने को उत्सुक रहते हैं. जिसको लेकर तरह तरह की बातें भी कही जाती हैं.

आज के इस पोस्ट में हम लोग बात करने वाले हैं, सऊदी अरब की एक ऐसी ख़ास बात के बारे में जिसको शायद बहुत ही कम लोग जानते होंगे. जब हमने भी इस बात को सुना तो हमें भी बड़ी हैरानी हुयी, फिर हमने सऊदी अरब के कुछ लोगों से इस बात की जानकारी ली जिसके बाद हमें पता चला कि क्यों इस अरब मुल्क में ऐसा किया जाता है.

क्या आप जानते हैं कि सऊदी अरब में उसके झंडे को कभी नीचे नहीं झुकाया जाता. चाहे इस अरब देश में कितनी भी बड़ी दुर्घट’ना हो जाए या फिर अंतर्राष्ट्रीय देशों का सम्मेलन हो, यहाँ तक की किसी बड़े नेता या राजनेता का निध’न हो जाए तब भी ऐसी स्थिति में भी सऊदी अरब के झंडे को नीचा आधा नहीं झुकाया जाता.

इसके पीछे एक बहुत खास वजह है जो हम आपको बताने जा रहे हैं, सऊदी अरब का झंडा आप देख रहे हैं यह हरे रंग का है, इस झंडे पर अरबी में कुछ शब्द लिखे हुए हैं जिसको इस्लाम में ‘शहाद’त’ बोलते हैं. और इन शब्दों के बोल को ही इस्लाम में दूसरा कलमा भी माना गया है.

सऊदी अरब के झंडे का रंग हरा है, और हरा रंग इस्लाम का प्रतीक माना गया है. और इस झंडे के ऊपर ये ‘शहादत’ के शब्द लिखे हुए हैं, जिसके नीचे एक तलवार भी बनी हुई है, जो कि हज़रत अली की निशानी मानी जाती है.

इन्हीं खास वजह से सऊदी अरब के झंडे को कभी भी आधा झुकाया नहीं जाता क्योंकि अगर इस को झुकाए जाएगा तो इसमें उनके प्रतीक और उन मुकद्दस पाक पवित्र शब्दों की तोहीन करने का गुनाह होगा.

इसी के चलते यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भी सऊदी अरब अपने झंडे को नीचे नहीं चुका था इसके अलावा भी ईरान और इराक मुस्लिम ड्रेस है जिन के झंडे पर भी कलमा शहादत लिखा हुआ है, और वह भी कभी अपना झंडा नीचे नहीं झुकाते.

Leave a Comment